रायपुर जिले में कई अस्पताल बिना फायर NOC के संचालित
बिना डर मरीजों की जान से खिलवाड़, फायर सेफ्टी नियमों की खुलेआम अनदेखी

रायपुर। राजधानी रायपुर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई अस्पताल और नर्सिंग होम बिना फायर सेफ्टी एनओसी (NOC) के ही संचालित हो रहे हैं। अस्पतालों में न तो फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम या आपातकालीन निकासी द्वार मौजूद हैं, न ही अग्निशमन यंत्र सही हालत में हैं ।
महत्वपूर्ण यह है कि प्राप्त शासकीय रिकॉर्ड के अनुसार कई अस्पताल फायर सेफ्टी विभाग द्वारा जारी की गई एनओसी की आधिकारिक सूची में शामिल नहीं हैं फिर भी बिना रोक टोक चल रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आगजनी की स्थिति में यह लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। राष्ट्रीय भवन निर्माण संहिता (NBC) और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग नियमों के अनुसार अस्पताल भवनों में कम से कम 2 मीटर चौड़ी सीढ़ियाँ और अन्य सुरक्षा इंतज़ाम अनिवार्य हैं, लेकिन रायपुर जिले में बड़ी संख्या में अस्पताल इन मानकों की अनदेखी कर रहे हैं।
देशभर में हाल की घटनाएँ – चेतावनी का सबक
महाराष्ट्र (विरार): ICU में आग से 13 COVID मरीजों की मौत।
गुजरात (भरूच): COVID अस्पताल में आग से 18 लोगों की मौत।
छत्तीसगढ़ (रायपुर): राजधनी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आग, 5 मरीजों की जान गई।
छत्तीसगढ़ (कोरबा): सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शॉर्ट-सर्किट से आग, कोई हानि नहीं हुई।
उत्तर प्रदेश (झांसी): महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के NICU में आग, कम से कम 10 नवजात शिशुओं की मौत।
अधिकारियों का रुख
जब इस मामले में रायपुर में फायर सेफ्टी विभाग के उच्च अधिकारियों से बातचीत की गई तो उन्होंने माना कि लापरवाही गंभीर है। अधिकारियों ने कहा कि जांच अभियान चलाकर बिना एनओसी वाले अस्पतालों को नोटिस, जुर्माना और जरूरत पड़ने पर सीलिंग जैसी कार्रवाई की जाएगी।
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